युवा वैज्ञानिक गौरव चंद्राकर को अंधविश्वास जागरुकता अभियान की दी गई जिम्मेदारी

 युवा वैज्ञानिक गौरव चंद्राकर को अंधविश्वास जागरुकता अभियान की दी गई जिम्मेदारी

अंधविश्वास के खिलाफ चलाएंगे जागरूकता अभियान : डॉ दिनेश 

पिथौरा/ समाज में आज भी अंधविश्वास का बोलबाला है। छोटे से लेकर बड़ी सी बड़ी गंभीर बीमारी के इलाज तक में लोग टोटकों, झाडा फूंकी जैसे अंधविश्वास पर यकीन रखते हैं। आज विज्ञान के युग में भी किसी बच्चे के रोने या बड़े लोगों की अचानक तबियत खराब होने पर भी किसी दूसरे इंसान की बुरी नजर लगने जैसी बातों पर यकीन रख कर बैगा गुनिया ओझा के पास झाड़ फूंक कराते हैं।जो समाज के विकास के लिए बड़ी बाधा है। इसलिए समाज को ऐसे अंधविश्वास के प्रति जागरूकता अभियान चलाकर कर विकास के मूख्य धारा में जोड़ने की जरूरत है। वनांचल दुरस्त क्षेत्रों के अलावा शहरों में भी अंधविश्वास मानने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। जगह जगह नीम हकीम बैगा गुनिया लोग दुकान चला रहे जो बीमारी से पीड़ित परिवार को अपनी शिकार बनाते हैं। अंततः लोग अंधविश्वास के चक्कर में फंसकर धन और तन दोनों गंवा बैठते हैं। इसलिए हमें हर स्तर पर लोगों को जागरूक करना है।यह बात डॉ दिनेश मिश्रा अंधविश्वास उन्मूलन समिति के अध्यक्ष ने कहीं। महासमुंद के युवा वैज्ञानिक एवं संस्कार शिक्षण संस्थान पिथौरा के संचालक गौरव चंद्राकर ने अपनी टीम के साथ अंधविश्वास उन्मुलन समिति के प्रधान कार्यालय फुल चौक रायपुर में अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्रा व समिति के पदाधिकारियों से मिलकर कर "कोई नारी टोनही नही अभियान" के संबंध में सार्थक चर्चा किया।साथ ही गौरव चंद्राकर को अंधविश्वास उन्मुलन से संबंधित किताबें, पंपलेट भेंट कर महासमुंद जिले में अंधविश्वास जागरूकता कार्यक्रम के लिए अहम् जवाबदारी दी गई।इस पर संस्कार शिक्षण संस्थान और अंधविश्वास उन्मूलन समिति की विशेष चर्चा हुई। ज्ञात हो कि युवा वैज्ञानिक गौरव चंद्राकर स्कूल कालेज में विज्ञान के चमत्कार व हाथ की सफाई की करतब दिखाकर जन जागरुकता फैला रहे। अब अंधविश्वास उन्मुलन समिति के साथ मिलकर नई जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे



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