गुरू गोविंद सिंह जी 359 वीं प्रकाश पर्व पर बसना में विशाल नगर कीर्तन
सिख धर्म के दसवें गुरु एवं खालसा पंथ के संस्थापक धन-धन श्री गुरु गोविंद सिंह जी के 359 वें प्रकाश पूरब के पावन अवसर की खुशी में सिख समाज बसना द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी प्रकाश पूरब बड़ी श्रद्धा भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया
श्री गुरुद्वारा साहिब बसना में लगातार 7 दिन तक प्रातः 5:00 बजे श्री गुरुद्वारा साहिब बसना से प्रभात फेरी बसना नगर का भ्रमण करते हुए श्री गुरुद्वारा साहिब बसना में वापस पहुंचती रही
जिसमें सिख धर्म के माताओं बहनों श्रद्धालुओं द्वारा गुरू वाणी का गायन करते नगर में प्रभातफेरी के माध्यम से गुरुओं के त्याग बलिदान और उनके अमृत वाणियों से जागरूकता फैलाने का शुभ कार्य किया
सिख समाज बसना की तरफ से 3 जनवरी को श्री निशांत साहब जी के छोले की सेवा की गई एवं साथ ही श्रीखंड पाठ प्रकाश पूरब की खुशी में रखा गया
जिसकी समाप्ति 5 जनवरी सुबह श्री गुरुद्वारा साहिब बसना में हुई । इस दौरान 5 जनवरी दोपहर श्री गुरुद्वारा साहिब बसना में प्रकाश पूरब की खुशी में विशेष दीवान का आयोजन किया गया एवं शब्द गायन समाप्ति, प्रसाद गुरु का लंगर आयोजित किया गया था
इसी तरह 6 जनवरी को श्री गुरुद्वारा से बसना में दोपहर को विशेष दीवान सजाया गया। जिसका समापन पश्चात गुरु का अटूट अलंकार सजाया गया। शाम 4:00 बजे श्री गुरुद्वारा साहिब बसना से धन-धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सर परस्ती पांच प्यारों की अगुवाई एवं नानक नाम लेवा संगत की हाजिरी में विशाल नगर कीर्तन
छत्तीसगढ़ की विभिन्न सांस्कृतिक करमा ,हुआ,पंथी नृत्य के साथ चौक चौराहों में हैरत अंग्रेज करतब दिखाते अखाड़ा दल के साथ
श्री गुरु नानक धर्मशाला बसना से प्रारंभ हुआ जो नगर के मुख्य मार्गो से होते हुए गायत्री मंदिर, राम-जानकी मंदिर थाना चौक,शहिद वीर नारायण सिंह चौक होकर श्री गुरुद्वारा साहिब बसना में समापन हुआ
नगर कीर्तन में मुख्य रूप से राजनंदगांव से राजनांदगांव से आई श्रीपाल की साहब जो की ठंडा बुर्ज ऐतिहासिक गुरु धाम श्री फतेहगढ़ साहिब की आकृति में धन-धनश्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को विराजमान किया गया था। साथ ही धन-धन बाबा दीप सिंह जी सेवादल रायपुर के वीरों द्वारा शब्द गायन की प्रस्तुति की गई। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सत्कार मे सबसे आगे पानी से धोकर मार्ग को साफ कर बुहारने पश्चात फूलों की वर्षा हो रही थी
श्री निशांत साहब जो कि सिख धर्म का प्रतीक है के साथ पंज प्यारे बहुत ही सुंदर पालकी साहिब में से गुरु ग्रंथ साहिब जी दर्शनार्थ विराजमान थे
उसके पीछे नानक नाम लेवा संगत गुरबाणी का गायन करते हुए पूरे नगर में भ्रमण करते हुए समापन श्री गुरुद्वारा साहिब बसना में हुआ
इस नगर कीर्तन में आकर्षण का मुख्य केंद्र श्री दरबार साहिब अमृतसर की तरह सुंदर पालकी साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का श्री सुखानसा साहिब जी की सेवा संपूर्ण की गई, जिसे लेकर पूरे नगर में इस आयोजन की बहुत प्रशंसा हो रही है
नगर कीर्तन का स्वागत अग्रवाल समाज, बंजारा समाज,श्री राम जानकी मंदिर समिति, मुस्लिम समाज ,सतनामी समाज बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल, मानिकपुरी समाज, एहसान दानी, गुरबख्श बजाज,सिंधी समाज ,सरदार सायकल एवं आटो परिवार के अलावा सिख समाज के लोगों ने जगह-जगह धन-धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी पांच प्यारों एवं नगर कीर्तन का सुंदर ढंग से स्वागत सत्कार किया गया
पंज प्यारों के रूप मे
(1) नवजोत सिंह सलूजा
(2) कृपाल सिंह रंधावा
(3) तजिंदर सिंह छाबड़ा
(4)अर्शदीप सिंह तलूजा
(5)तरणजीत सिंह अरोरा ऋषि
निशान साहेब
(1)यशपाल सिंह अरोरा
(2)जगजीत सिंह अरोरा
(3) आशुतोष
(4)अमित सिंह फूलझर
(5)जसदीप सिंह ने सेवाएं दी
इस दौरान सिख समाज के प्रमुख गण लालसिंह छाबड़ा, मंजीतसिंह सलूजा,सरिन्दर सिंह मन्नू, जसवंत सिंह सलूजा,गुर बख्श सिंह तलूजा, मुखविंदर सिंह,राजा रंधावा,भगतराम वधवा, भूपेन्द्र सलूजा, सतपाल सिंह छाबड़ा, हरजिंदर सिंह,रंजीत सिंह, गिरधारी जसपाल वधवा, जनरैल सिंह, धर्मपाल सिंह, महिपाल सिंह, स्वर्ण सिंह, मनजीत सिंह,वारियाम सिंह,बबलू सलूजा,गोल्डी छाबड़ा,बंटी सलूजा, जितेन्द्र सिंह दविन्दर होरा, इकबाल सिंह मनजीत छाबड़ा , सुरेन्द्र सिंह,मनीष चिंटू वधवा, राजू त्रिलोचन तलूजा, तेजपाल सिंह,रणवीर सिंह, महेन्दर सिंह अरोरा, विकास वधवा,गुरदीप सिंह,चिंटू कालड़ा,मलकीत सिंह, पूरनसिंह एवं बसना, सांकरा ,गढ़फुलझर, पिथौरा, सरायपाली ,झलप भंवरपुर सिख समाजजन एवं सैकड़ों माताएं बहनो के अलावा सर्व समाज के गणमान्यजन इस कार्यक्रम में शामिल रहे
