एस डी एम का हवाला देते हुए अवैध धान से भरा हुआ ट्रक को दबंगई से पटवारी ने छुड़वाया
महासमुंद/सरायपाली बसना :- ओड़िशा पासिंग ट्रक से 420 बोरे धान का किया जा रहा था अवैध परिवहन, पटवारियों के जांच दल ने रोका था
धान तस्करी के लिए निकले पटवारियों के जांच दल को पहले धान मालिक पश्चात् उसके साथी प्रभावशाली पटवारी द्वारा और शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है।
उड़ीसा नंबर की मिनी ट्रक से अवैध परिवहन कराये जाने में भंवरपुर हल्का पटवारी लालकृष्ण देवांगन की संलिप्तता पाये जाने पर पटवारी संघ में आक्रोश देखा जा रहा है
प्राप्त जानकारी अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025/26 के अंतर्गत धान खरीदी केन्द्रों में शेष किसानों के टोकन एवं भौतिक सत्यापन की जिम्मेदारी प्रशासन ने पटवारियों को दी है। अलग अलग मार्गों पर अवैध धान परिवहन रोकने के लिए भी पटवारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उमरिया भंवरपुर मार्ग की जिम्मेदारी पटवारी तिलक राम चौधरी, क्षीरसागर पटेल, विजय कुमार ठाकुर एवं सुरेन्द्र कुमार डड़सेना को दी गई थी। 21 दिसंबर की रात को अवैध धान परिवहन की सूचना मिली थी। एस डी एम के निर्देशानुसार पटवारी तिलक राम चौधरी, क्षीरसागर पटेल, विजय कुमार ठाकुर एवं सुरेन्द्र कुमार डड़सेना गश्त पर निकले थे। 21 दिसंबर 2025 की रात को लगभग 03 बजे सरायपाली से भंवरपुर के तरफ आ रहे उड़ीसा नंबर की ट्रक क्रमांक OD 17 AF 8793 को उमरिया भंवरपुर नाला के पास रोका गया। पूछताछ में वाहन चालक ने ट्रक में 420 कट्टा धान होना बताया जिसकी सूचना एस डी एम राजस्व को दी गई। इसी दौरान वाहन मालिक को पता चलते ही वहां पहुंच कर पटवारी लालकृष्ण देवांगन से बात करवाकर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। बात नहीं बनने पर लालकृष्ण देवांगन पटवारी ने आकर पटवारियों को धमकाते हुए कहा कि ये मेरा धान है ।एस डी एम, तहसीलदार ,मंडी अधिकारियों से से बात हो गई कहते हुए दबंगता के धान से भरे ट्रक को वापस सरायपाली तरफ भगा दिया। इस घटना की जानकारी मिलते ही पटवारी संघ ने एसडीएम, कलेक्टर को लिखित शिकायत देते हुए आडियो वीडियो प्रमाण उपलब्ध होने की बात कही है
बता दें कि अवैध धान परिवहन को लेकर शासन प्रशासन के निर्देशानुसार पटवारियों ने पूरी निष्ठा के साथ काम कर रहे हैं लेकिन एक ऐसे पटवारी जिन्होंने शासन के नियमों की अवहेलना करते दबंगई किया है
