बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़
पटेवा स्थित श्रद्धा पब्लिक स्कूल पर अवैध फीस लूट और दस्तावेजों की ब्लैकमेलिंग का गंभीर आरोप
महासमुंद / जिले के पटेवा में चल रहे श्रद्धा पब्लिक स्कूल की विश्वसनीयता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक स्थानीय अभिभावक ने स्कूल प्रबंधन पर अवैध शुल्क वसूली, अभद्र व्यवहार और बच्चों के दस्तावेज रोककर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाते हुए। महासमुंद जिला कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को लिखित शिकायत सौंप दी है। इस मामले ने पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है
शिकायतकर्ता लोकेश कुमार साहू ने डीईओ को दिए शिकायत पत्र में बताया कि उनके बेटे एकलव्य कुमार साहू और भतीजी हिमांशी साहू श्रद्धा पब्लिक स्कूल पतेवा में कक्षा 1 में पढ़ रहे हैं। उन्होंने दोनों बच्चों की मासिक फीस पूरी तरह समय पर जमा कर दी थी और रसीद भी उनके पास सुरक्षित है। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन मनमाने ढंग से अतिरिक्त राशि की मांग कर रहा है
धमकी का आरोप
लोकेश कुमार ने आरोप लगाया कि जब वे फीस का सही हिसाब-किताब मांगने स्कूल गए, तो प्रबंधन ने उनके साथ बदसलूकी की। न सिर्फ जवाब देने से इनकार किया गया, बल्कि खुलेआम धमकी दी गई — “जितना बिल भेजा है, उतना पैसा जमा करो, वरना बच्चों के दस्तावेज रोक लिए जाएंगे।”
पालक ने इसे बच्चों के शिक्षा अधिकार का स्पष्ट उल्लंघन बताया और कहा कि ऐसी मानसिक प्रताड़ना छोटे बच्चों और उनके परिवारों के लिए बेहद दर्दनाक है
स्कूल की खस्ता हालत, पालक ने एक-एक कर खोली पोल
शिकायत में केवल फीस ही नहीं, स्कूल की पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं
लोकेश कुमार साहू ने मुख्य आरोपों की लंबी फेहरिस्त दी है
पिछले सत्र में लगभग तीन महीने तक कक्षा में ब्लैकबोर्ड तक नहीं लगा था
पूरे साल में पालकों की बैठक महज 3-4 बार आयोजित की गई, जबकि नियम के मुताबिक हर महीने बैठक होनी चाहिए
छोटे बच्चों की बस सुविधा बेहद खराब है। बच्चे सुबह 7 बजे घर से निकलते हैं और शाम 4 बजे तक घर वापस पहुंच पाते हैं
जरूरत पड़ने पर भी बच्चों को छुट्टी देने से साफ इनकार किया जाता है
योग्य शिक्षकों की भारी कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है
डीईओ से सख्त कार्रवाई की मांग
लोकेश कुमार साहू ने डीईओ महासमुंद से तुरंत मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया कि जांच के दौरान बच्चों की पढ़ाई किसी भी हाल में प्रभावित न हो
यह मामला जिले के निजी स्कूलों में फीस लूट, खराब सुविधाओं और अभिभावकों के शोषण की बढ़ती शिकायतों को लेकर एक नया उदाहरण बन गया है। स्थानीय अभिभावक अब इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं
शिक्षा विभाग का रुख
डीईओ कार्यालय सूत्रों के अनुसार शिकायत मिलते ही मामले को संज्ञान में लिया गया है और जल्द ही जांच टीम गठित कर स्कूल का निरीक्षण किया जाएगा।

