"नवा बिहान" का संकल्प, पुलिस अब आपके द्वार; अटूट सुरक्षा और निरंतर संवाद से बदलेगा हर विचार
गाँव-गाँव और शहर-शहर सजगता का संदेश: महासमुंद पुलिस द्वारा स्कूल, कॉलेज, हाट-बाजार, बस स्टैंड, बैंक और ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को निरंतर जागरूक किया जा रहा है
सुरक्षा और सजगता का अभियान: साइबर अपराध, सोशल मीडिया सुरक्षा, ऑनलाइन फ्रॉड व गौ तस्करी रोकथाम और नशा मुक्ति संदेशों एवं जन उपयोगी हेल्पलाइन नंबरों के साथ लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है
सजग नागरिक, सुरक्षित समाज: महासमुंद पुलिस के हेल्पलाइन नंबरों को अपनाएं, साइबर ठगी, नशा और अपराध को जड़ से मिटाएं
महासमुंद पुलिस की अपील- घर बैठे 'संवाद' से जुड़ें! नागरिकों की सहायता के लिए जारी शिकायत हेल्प डेस्क व्हाट्सएप नंबर 94792-29939 पर अपनी शिकायतें साझा करें। इस सुविधा का लाभ उठाएं और सुरक्षित समाज के निर्माण में भागीदार बनें
जागरूकता कार्यक्रम में लगभग 800 से अधिक आम नागरिक शामिल होकर लाभान्वित हुए
जिला पुलिस प्रशासन ने कम्युनिटी पुलिसिंग (सामुदायिक पुलिस व्यवस्था) को एक नया आयाम दिया है। जिले के नागरिकों को जागरूक और सशक्त बनाने के उद्देश्य से "नवा बिहान" अभियान की कमान संभाली गई है। यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि खाकी और जनता के बीच का एक मजबूत पुल है। इस अभियान के जरिए पुलिस सीधे जमीनी स्तर पर पहुंचकर लोगों को साइबर क्राइम, नशाखोरी और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक कर रही है, ताकि महासमुंद का हर नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सके
महासमुंद पुलिस विभाग की टीम द्वारा हाट-बाजार, स्कूल, कालेज, बस स्टैंड, बैंकों व चौक-चौराहो, गली मुहल्लो मे, लोगो के बीच पहुँचकर मोबाईल धारक आम जनता, स्कूली छात्र-छात्राओं, गांव के युवको, बुजुर्गो हर वर्ग के लोगो को साइबर अपराध से बचाव, सोशल मीडिया सुरक्षा, ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव, जरूरी हेल्पलाइन नंबर, नशा मुक्ति संदेश, गौ तस्करी रोकथाम के बारे मे लोगो को जानकारी दे रहे है
नवा बिहान कैपेन के तहत इस सप्ताह जिले के ग्राम भंवरपुर, पिथौरा बया रोड ओव्हर ब्रिज, ग्राम सिरपुर, ग्राम बी.के. बाहरा साप्ताहिक बाजार, ग्राम पिथौरा गार्डन के पास में जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया, ग्राम क्षेत्रों के आम जनता को, साइबर जागरूकता, अभिव्यक्ति ऐप, नशा मुक्ति अभियान महिला संबंधी अपराध एवं यातायात सुरक्षा की जानकारी दी गयी
पुलिस टीम के द्वारा शहरी एवं ग्रामीणो क्षेत्रों मे लोगो को विभिन्न प्रकार की जानकारियां साझा की जा रही है। जिसमे सायबर स्टाकिंग, फेक प्रोफाईल के बारे मे बताते हुए, किसी भी व्यक्ति जो इसका शिकार हो, तत्काल रिपोर्ट करने कहा गया। लोगो को बताया गया की सोशल मीडिया में पर्सनल व सेंसिटीव जानकारी शेयर ना करें एवं अपने मोबाईल मे मजबूत पासवर्ड बनाकर रखे, ताकि मोबाइल गुम होने या अन्य कोई भी व्यक्ति इसका दुरूपयोग ना कर सके। आजकल इंटरनेट की दुनिया मे प्रचलित अपराध जैसे फेक ट्रेडिंग एप के नाम पर ठगी, सेक्सटार्शन, फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर लोगो को डिजिटल अरेस्ट की धमकी फिर ठगी करने वालो से सतर्क रहने एवं आपके फोन मे अंजान नम्बरो से आये एपीके फाईल लिंक को कभी ओपन ना करने की सलाह दी गयी है। लोगो को बताया गया है की किसी प्रकार के ऑनलाईन फ्रॉड होने पर सायबर हेल्प लाईन नंबर 1930 में ऑनलाईन शिकायत एवम अपने निकटतम पुलिस थाना या सायबर थाना जाकर रिपोर्ट दर्ज करावें
इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ साइबर अपराधों के पैटर्न में भी बड़ा बदलाव आया है। आम जनता को इन खतरों से आगाह करने के लिए यह विशेष जन-जागरण अभियान चलाया जा रहा है। जागरूकता अभियान कार्यक्रम में मोबाइल धारकों को सोशल मीडिया पर सुरक्षा और निजता के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है
मोबाईल पर ना करे अंजान लोगो से दोस्ती, पड़ सकती है भारी-* पुलिस द्वारा लोगो को बताया जा रहा है की सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट को बिना जांचे-परखे स्वीकार न करें। लोगों से अपील की गई कि वे थर्ड पार्टी ऐप्स और अनजान लिंक्स से दूरी बनाएं रखें और अपनी संवेदनशील जानकारी कभी भी सार्वजनिक न करें
फॉरवर्डेड मैसेज की, पहले सत्यता जांचें- अक्सर सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें और मैसेज वायरल कर दिए जाते हैं। किसी भी फॉरवर्डेड मैसेज की सत्यता को जाने बिना आगे न भेजें। इसके साथ ही व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे ऐप्स पर 'टू-स्टेप वेरिफिकेशन' ऑन रखने की सलाह दी गई ताकि अकाउंट को हैक होने से बचाया जा सके
'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर वसूली से डरें नही- आजकल अपराधी पुलिस, सीबीआई या जज बनकर वीडियो कॉल करते हैं और 'डिजिटल अरेस्ट' या जेल भेजने की धमकी देकर पैसे वसूलते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी संस्था या अधिकारी इस तरह वीडियो कॉल पर डराकर पैसे की मांग नहीं करता। ऐसे कॉल्स आने पर घबराएं नहीं और न ही घबराहट में गूगल-पे या फोन-पे के माध्यम से पैसे भेजें
ठगी होने पर क्या करें-? यदि आप किसी साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो देरी न करें। तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा अपने नजदीकी साइबर सेल या पुलिस थाने में भी सूचना दें
इन बातों का रखें विशेष ध्यान- क्षेत्र में गौवंश तस्करी को रोकने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। यदि किसी को भी गौवंश तस्करी या अवैध परिवहन की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत नजदीकी थाने या "संवाद" हेल्पलाइन नंबर 9479229939 पर सूचना दें।
आपातकाल में 'डायल-112' का करें उपयोग- पुलिस ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 'डायल-112' की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला। नागरिकों को बताया गया कि किसी भी दुर्घटना, विवाद या आपात स्थिति में 112 पर कॉल करने से पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम तत्काल मौके पर पहुंचती है। कम से कम समय में सहायता प्राप्त करने के लिए इस सेवा का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया गया है
"शिकायत हेल्प डेस्क-'संवाद' बना जनता का मददगार- महासमुंद पुलिस द्वारा नागरिकों की त्वरित सहायता हेतु जारी *व्हाट्सएप नंबर 94792-29939 अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। पुलिस प्रशासन आम जनता से अपील करता है कि किसी भी शिकायत या आपातकालीन सूचना के लिए इस सुविधा का अधिकाधिक उपयोग करें।"* इस नंबर को अपने मोबाइल में सेव कर आसपास हो रही किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल साझा कर सकते हैं। "संवाद" हेल्पलाइन में सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसमें दो विकल्प दिए गए हैं:
विकल्प 1: गुप्त सूचना देने के लिए
विकल्प 2: सामान्य शिकायत दर्ज कराने के लिए
आपकी दी हुई एक छोटी सी सूचना न केवल किसी बड़े अपराध को रोक सकती है, बल्कि हमारे समाज को सुरक्षित और खुशहाल भी बना सकती है
अभियान के दौरान पुलिस ने नागरिकों से नशे की लत से दूर रहने और समाज को नशा मुक्त बनाने में सहयोग की अपील की। नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, पूरे परिवार को खत्म करता है। आइए, एक सजग नागरिक के रूप में पुलिस का साथ दें, नशे की लत को जड़ से मिटाए और साइबर ठगी जैसी बुराइयों के प्रति खुद को और दूसरों को सतर्क करें। महासमुंद पुलिस द्वारा संचालित इस जन जागरूकता कार्यक्रम मे 800 से अधिक आमजन शामिल होकर लाभान्वित हुए

