इंसानियत की मिसाल: सांकरा में देर रात जब मारवाड़ी युवा मंच बना सहारा

 इंसानियत की मिसाल: सांकरा में देर रात जब मारवाड़ी युवा मंच बना सहारा 

 संकरा - बाहर से आईं एक बेबस महिला और उनकी मासूम बच्ची, देर रात 9-10 बजे तक अमित गारमेंट्स दुकान के पास बैठी थीं। दरअसल, महिला को लेने के लिए उनके ससुराल अंशुल से लोग आने वाले थे। लेकिन काफी देर होने के बाद भी वहां से कोई उन्हें लेने नहीं पहुंचा। चिंता की बात यह थी कि फोन पर भी उनका संपर्क नहीं हो पा रहा था। सुनसान होती सड़क, रात का अंधेरा और सुरक्षा की चिंता के बीच वे खुद को बेहद असहाय महसूस कर रही थीं

तभी मारवाड़ी युवा मंच सांकरा के सचिव सोनू गोयल जी की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने तुरंत स्थिति की संवेदनशीलता को समझा और मंच के अध्यक्ष शुभम सिंघल जी को इसकी जानकारी दी। दोनों तुरंत मौके पर पहुंचे और महिला से पूछताछ की

पहले उन्हें अंशुला छोड़ने की बात चल रही थी, लेकिन संपर्क न हो पाने के कारण महिला ने बताया कि उनका मामा घर बल्दीडीही में है और श्री शौकी बरीहा जी उनके मामा हैं। महिला ने आग्रह किया कि उन्हें उनके मामा जी के घर छोड़ दिया जाए

बिना समय गंवाए, अध्यक्ष शुभम सिंघल जी एवं सचिव सोनू गोयल जी अपनी गाड़ी से महिला और बच्ची को सुरक्षित उनके मामा घर बल्दीडीही पहुंचाने निकल पड़े। इस नेक काम को पूरा करते-करते रात के 11-12 बज गए। लेकिन मारवाड़ी युवा मंच ने समय की परवाह न करते हुए, केवल उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी और उन्हें सकुशल उनके परिजनों के पास पहुंचाया

"सच्ची सेवा वही है जो समय नहीं देखती, सिर्फ किसी मजबूर की सुरक्षा देखती है।"

मारवाड़ी युवा मंच सांकरा

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