पिथौरा-मां दुर्गा ने रक्त बीज राक्षस का वध करने के लिया मां महाकाली का स्वरूप श्रीमद देवी भागवत ज्ञान यज्ञ कथा में चौथे दिन मां जगत जननी दुर्गा को 56 भोग का महाप्रसाद लगाया गया
पिथौरा-मां दुर्गा ने रक्त बीज राक्षस का वध करने के लिया मां महाकाली का स्वरूप श्रीमद देवी भागवत ज्ञान यज्ञ कथा में चौथे दिन मां जगत जननी दुर्गा को 56 भोग का महाप्रसाद लगाया गया। वहीं आज के कथा में महारास के प्रसंग को वर्णित किया गया जिसमें राघव सोनी ने बांके बिहारी जी का मनमोहक स्वरूप धारण कर श्रद्धालुओं के बीच अपनी जुगल जोड़ी राधारानी नित्या शुक्ला के साथ विराट स्वरूप का दर्शन करवाया। महारास में भक्त झूमते नजर आए । कथा वाचक पंडित अभिनव शुक्ला दद्दू महाराज ने रक्त बीज राक्षस के संहार के लिए मां दुर्गा के महाकाली स्वरूप का वर्णन किया गया रक्त बीज राक्षस के एक बूंद खून जमीन पर गिरते ही हजारों रक्त बीज उत्पन्न हो जाते थे तब देवी दुर्गा ने मां महाकाली का स्वरूप धारण किया और फिर रक्त बीज जैसे राक्षस का वध किया और उसके रक्त को रक्तपान कर मां महाकाली ने अपने विराट स्वरूप का दर्शन दिया। सैकड़ों की संख्या में भक्त देवी भागवत कथा सुनने आ रहे हैं। पिथौरा का वातावरण भक्तिमय हो गया है
