पशुओं की सुरक्षा के लिए संस्कार संस्थान से जुड़े बाल वैज्ञानिकों ने बनाया हाईटेक मवेशी रोड सेफ्टी डिवाइस
सिरपुर महोत्सव में मुख्यमंत्री के समक्ष बाल वैज्ञानिक खुशबू ने किया आपने मॉडल का प्रदर्शन
दुर्घटनाओं को रोकने की इस नये मॉडल का प्रदर्शन देख कलेक्टर एसपी हुए गदगद प्रशासनिक स्तर पर किया जाएगा सहयोग
पिथौरा-राष्ट्रीय राजमार्गों पर अचानक सामने आ जाने वाले आवारा पशुओं की वजह से होने वाले सड़क हादसों को कम करने के लिए संस्कार शिक्षण संस्थान पिथौरा में कार्यरत बाल वैज्ञानिक खुशबू साहू और उनके साथी ने अपने मार्गदर्शक शिक्षक एवं युवा वैज्ञानिक गौरव चंद्राकर के साथ मिलकर एक ऐसा सिस्टम तैयार किया है। जिससे दुर्घटना रुकेगी भी और आवारा पशुओं की जिंदगी भी सलामत रहेगी। यह देखा जाता है कि रोड़ पर अचानक आवारा मवेशी के आ जाने से कई दुर्घटनाएं होती है जिसमें जान माल दोनों की हानि होती है। कभी कभी यह दुर्घटना में बहुत से लोगों की जान चली जाती है। परंतु अब इस दुर्घटना को रोकने के लिए संस्कार संस्थान के बाल वैज्ञानिकों ने एक ऐसा डिवाइस तैयार करके कमाल किया है जिससे मवेशी रोड पर नहीं आएंगे और नहीं दुर्घटना होगी
युवा वैज्ञानिक एवं मार्गदर्शक शिक्षक गौरव चंद्राकर ने बताया इस मॉडल का नाम हाईटेक मवेशी रोड सेफ्टी डिवाइस रखा गया है। जिसका प्रदर्शन सिरपुर महोत्सव में शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष किया। सिरपुर महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर पहुंचे मुख्यमंत्री सहित महासमुंद विधायक राजू योगेश्वर सिन्हा , बसना विधायक संपत अग्रवाल ,महासमुंद कलेक्टर एसपी,जिला शिक्षा अधिकारियों ने मॉडल की प्रर्दशन देखकर काफी प्रशंसा किया तथा इस मॉडल को विशेष रूप से प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ाने की बात कही।पाठकों को बता दे कि इस प्रोजेक्ट में बहुत सारी खासियत है जिसमें मवेशी के गले में बंधें रेडियम पट्टी पर ट्रांसमीटर सेंसर उच्च फ्रीक्वेंसी का लगा रहेगा है जो नेशनल हाईवे से लगे कंट्रोल रूम से कनेक्टिंग रहेगी। जैसे ही आवारा पशु नेशनल हाईवे रोड पर आयेगी तो कंट्रोल रूप में लगा बीप इंगित करेगी।यह बीप कंट्रोल रूम के साथ रोड में चल रहे ड्राइवर के मोबाइल के फोन पर भी मैसेज चला जाएगा कि सामने रोड पर मवेशी गाय बैल है ।सावधान सचेत होकर गाड़ी चलाएं। जिससे ड्राइवर सचेत होकर स्पीड को कंट्रोल कर सामान्य स्पीड में गाड़ी चलाएगा। इसके अलावा कंट्रोल रूम में लगा बीप से भी आवारा पशु रोड से अलग हो सकते हैं। इस मांडल में एक और सिस्टम के माध्यम से कंट्रोल रूम में बैठे व्यक्ति भी जान जायेगा कि आवारा पशु का लोकेशन कहां पर है? उसे भगाने के लिए कंट्रोल रूम से टीम रवाना हो सकती है
पशुधन की होगी रक्षा
इस मवेशी रोड़ सेफ्टी डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत गाय के रेडियम पट्टी पर लगा सेंसर जैसे ही हाईवे रोड के सेंसर के नजदीक आएगा वैसे ही गाय को वाइब्रेशन के साथ हल्का झटका भी लगेगा जिससे मवेशी रोड से दुर चलीं जाएगी।इस प्रकार दुर्घटना से बेमौत मरने वालीं गाय बैल पशुधन की रक्षा होगी
इस पहल का मुख्य उद्देश्य
इस प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं की अचानक आवाजाही से होने वाले हादसों को रोकना है। यदि इस डिवाइस का इस्तेमाल वास्तविक रूप से किया जायेगा तो देश भर होने वाली सड़क दुघर्टना को रोकने में मदद मिलेगी और पशुधन की रक्षा भी होगी
ये बाल वैज्ञानिक उपस्थित रहे
संस्कार शिक्षण संस्थान पिथौरा में कार्यरत बाल वैज्ञानिक खुशबू साहू , शासकीय महाविद्यालय तेंदुकोना ,सृष्टि यदु पीएमश्री विद्यालय पिथौरा, डिंपल डड़सेना, राम दर्शन पब्लिक विद्यालय जंधोरा, पीयूष साहू सेंट फ्रांसिस विद्यालय पिथौरा द्वारा प्रभारी शिक्षिका श्रीमती सीमा चंद्राकर संस्कार शिक्षण संस्थान के मार्गदर्शन में सिरपुर महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के लगे विभागीय पंडाल में इस मॉडल का प्रदर्शन किया गया
सिरपुर महोत्सव में आकर्षण व प्रशंसा का केंद्र रहा मांडल
संस्कार शिक्षण संस्थान पिथौरा में कार्यरत बाल वैज्ञानिक खुशबू साहू द्वारा बनाए गए नए मॉडल
हाईटेक मवेशी सेफ्टी डिवाइस को देखते हुए विष्णु देव साय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, योगेश्वर राजू सिन्हा विधायक महासमुंद, डॉ. संपत अग्रवाल विधायक बसना विनय कुमार लंगेह कलेक्टर, प्रभात कुमार पुलिस अधीक्षक, हेमंत रमेश नंदनवार सीईओ जिला पंचायत,विजय कुमार लहरे डीईओ, रेखराज शर्मा डीएमसी महासमुन्द ,संपा बोस एपीसी,जागेश्वर सिन्हा बीआरसी सहित उपस्थित अधिकारी कर्मचारियों ने मॉडल का अवलोकन करते हुए प्रशंसा किए


